जाने क्यूँ वो साँसों की डोर टूटने नहीं देता
बस दो कदम और चलने का वास्ता देकर मुझे रुकने नहीं देता
बात कहता है वो मुझसे हँस हँस कर जी लेने की
अजीब शख्स है मुझको चैन से रोने नहीं देता
आज हौसला देता है मुझे चाँद सितारों को छू लेने का
वो प्यारा सा चेहरा मुझे टूटकर बिखरने नहीं देता
शायद जानता है वो भी इन आँखों में आंसुओ का सैलाब है
जाने क्यूँ फिर भी वो इन आंसुओ को गिरने नहीं देता
मुझसे कहता है , "मैं तो मर जाऊंगा तुम्हारे बिना "
मैं जिंदा हूँ अब तक के वो मुझे मरने नहीं देता
बस दो कदम और चलने का वास्ता देकर मुझे रुकने नहीं देता
बात कहता है वो मुझसे हँस हँस कर जी लेने की
अजीब शख्स है मुझको चैन से रोने नहीं देता
आज हौसला देता है मुझे चाँद सितारों को छू लेने का
वो प्यारा सा चेहरा मुझे टूटकर बिखरने नहीं देता
शायद जानता है वो भी इन आँखों में आंसुओ का सैलाब है
जाने क्यूँ फिर भी वो इन आंसुओ को गिरने नहीं देता
मुझसे कहता है , "मैं तो मर जाऊंगा तुम्हारे बिना "
मैं जिंदा हूँ अब तक के वो मुझे मरने नहीं देता
bahut hi aacha hai..............
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