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Friday, January 22, 2010

सपने



मिलना   और  बिछड़ना  नियति  है
संगे  दिल  का  तड़पना  मज़बूरी  है
बिछड़  के  हर  पल  साथ  रहना  भी
जीने  के  लिए  जरुरी  है !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!
 
क्योंकि   हर  वक़्त  वो  नजर  में  है
दूर  हो  के  भी  करीब  है
अश्क  के  हर  पैमाने  में  है
रोली ,कुमकुम ,राग  -रंग  ,
सुख  -दुःख  ,दिवस  -रैन ,
अमावस -चांदनी  ,पूनम .
तीज -त्यौहार ,फ़िजा  के  हर  नूर  में
कदम  की  हर  बुनियाद  में
कलम  की  गति  में  !!!!!!!!!
मेरी  छवि  में  !!!!!!!!!!!!!!

 मेरे  सपनो  का  संसार  है ,
मेरी  तमनाओं  का  रूप  है ,
रब  का  भेजा  नायब  तोहफा  है ,
अब  तो  बस  उनका  साया  बनने  की  चाहत  है !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!



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